Akhand Aryavart (Paper Back)
Original price was: ₹160.00.₹150.00Current price is: ₹150.00.
यह पुस्तक ‘अखंड आर्यवर्त’ भारत के गौरवशाली अतीत और चाणक्य जैसे महान विद्वान के अखंड राष्ट्र के स्वप्न को एक नाटक के रूप में प्रस्तुत करती है। तेजपाल सिंह धामा द्वारा लिखित यह कृति, आर्यवर्त की प्राचीन सीमाओं, हमारे गौरवमय इतिहास की कमजोरी के कारणों और एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के चाणक्य के दृष्टिकोण पर विस्तृत प्रकाश डालती है।
- अखंड आर्यवर्त की विस्तृत संकल्पना और उसकी ऐतिहासिक सीमाएँ।
- हमारे गौरवशाली इतिहास के कमजोर होने के कारणों का विश्लेषण।
- चाणक्य के राष्ट्र-निर्माण के दूरदर्शी दृष्टिकोण पर आधारित नाटक।
Description
“अखंड आर्यवर्त” तेजपाल सिंह धामा द्वारा लिखित एक ऐसा प्रेरणादायक नाटक है जो हमें प्राचीन भारत के उस भव्य स्वप्न से परिचित कराता है जिसे चाणक्य जैसे दूरदर्शी मनीषी ने देखा था। यह पुस्तक केवल एक ऐतिहासिक नाटक नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के गौरवशाली अतीत की एक झांकी प्रस्तुत करती है और उन कारणों पर भी प्रकाश डालती है जिनके कारण हमारा वैभवशाली इतिहास कमजोर पड़ा।
इस पुस्तक में, आर्यवर्त की विस्तृत भौगोलिक सीमाओं का वर्णन किया गया है, जिससे पाठक यह जान पाते हैं कि प्राचीन काल में हमारे राष्ट्र का विस्तार कितना विशाल था। नाटक के माध्यम से, लेखक ने चाणक्य के असाधारण बुद्धिमत्ता, उनकी कूटनीति और एक एकीकृत तथा शक्तिशाली राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाया है। यह कृति हमें सिखाती है कि कैसे एकता और सुदृढ़ नेतृत्व के माध्यम से एक राष्ट्र को परम वैभव पर पहुँचाया जा सकता है।
“अखंड आर्यवर्त” उन सभी पाठकों के लिए एक अनिवार्य पठनीय है जो भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रवाद को गहराई से समझना चाहते हैं। 144 पृष्ठों की यह पेपरबैक पुस्तक 2007 में प्रकाशित हुई थी और यह हमें अपने इतिहास से सीखने और एक मजबूत भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करती है।
मुख्य विशेषताएँ:
- लेखक: तेजपाल सिंह धामा
- भाषा: हिंदी
- प्रकाशक: हिंदी साहित्य सदन
- मूल्य: ₹150
- SKU: 01058
यह पुस्तक उन सभी के लिए एक अमूल्य धरोहर है जो वैदिक ज्ञान, सामाजिक सुधार और आत्म-ज्ञान की खोज में हैं। ₹150 की विशेष कीमत पर, यह वैचारिक क्रांति का द्वार आपके लिए खुला है।

















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