Aryamgarh
वेदों की ओर लौटो!
- ज्ञान, शिक्षा, समन्वय
- जागरूकता, सुधार, अभियान
- युवा, विकास, उत्थान
सामाजिक सुधार
जातिवाद, छुआछूत जैसी कुरीतियों से मुक्त समाज, समानता और न्याय के मूल्यों पर आधारित एक बेहतर राष्ट्र निर्माण।
मानव सेवा
अनाथों, गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता, निस्वार्थ सेवा द्वारा मानवता की रक्षा और एक करुणापूर्ण समाज का निर्माण।
शिक्षा और विकास
आधुनिक शिक्षा के साथ वैदिक मूल्यों का समन्वय, सर्वांगीण विकास द्वारा सशक्त नागरिक बनाना, राष्ट्र निर्माण में योगदान।
तमसा नदी के तट पर बसा ऋषियों की जन्मस्थली
आर्यमगढ़ : इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर का संगम
आर्यमगढ़, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक जिला है, इस जिले में छोटी बड़ी सभी नदियाँ मिलकर कुल १७ नदियाँ बहती हैं। जिनमे मुख्य नदियाँ जैसे घाघरा, तमसा, बेसो, नोनी और छोटी सरयू नदी हैं। इस पावन भूमि पर कई ऋषियों और ऋषिकाओं ने जन्म लिया। अत्रि ऋषि और उनकी पत्नी माता अनुसुइया का आश्रम भी आर्यमगढ़ की भूमि पर ही था, उनकी दिव्य संताने ऋषि दुर्वासा, दत्तात्रेय और चंद्र(सोम) इन्होने भी वेद विद्या को धारण करके ऋषित्व को प्राप्त हुए।
आर्यमगढ़ के महाराजा श्री विक्रम सिंह जी थे। वह मुग़ल काल का समय था जब किसी दबाव और राजनितिक कारणों से उन्होंने एक मुस्लिम नवाब की पुत्री से विवाह किया था। विवाह के बाद भी रानी ने घरवापसी नहीं की और उनकी जो संतान हुई उसका नाम उन्होंने आजम खान/शाह रखा और महाराज के दिवंगत होने के बाद आजम खान ने मध्य काल में आर्यमगढ़ का नाम बदलकर अपने नाम पर "आजमगढ़" रख दिया था। परंतु २०२२ में उत्तरप्रदेश राज्य के यशश्वी मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी ने पुनः आर्यमगढ़ को आर्यमगढ़ का नाम दे कर इतिहास में हुई गन्दगी को साफ कर दिया है।
आर्यमगढ़ की जीवनदायिनी नदियाँ: इतिहास और महत्व
आर्यमगढ़ की नदियाँ, विशेषकर तमसा, न केवल भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भी गहरी जड़ें रखती हैं। ये नदियाँ सदियों से इस क्षेत्र की जीवनरेखा रही हैं, और यहाँ की सभ्यता और संस्कृति को आकार देने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। तमसा नदी, जिसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है, आर्यमगढ़ की प्रमुख नदी है। यह नदी न केवल कृषि और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र रही है। इसके तट पर कई प्राचीन मंदिर और आश्रम स्थित हैं, जो इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं।
- तमसा नदी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
- क्षेत्र की कृषि और पारिस्थितिकी में नदियों का योगदान
आर्यमगढ़ : ऐतिहासिक धरोहर और दर्शनीय स्थल
आर्यमगढ़, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध शहर है, जो अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहाँ की यात्रा आपको इतिहास के पन्नों में ले जाती है, जहाँ आप प्राचीन संस्कृति और आधुनिक जीवनशैली का संगम देख सकते हैं। आर्यमगढ़ में कई दर्शनीय स्थल हैं, जैसे कि दुर्वासा ऋषि आश्रम और गौरीशंकर मंदिर। इसके अतिरिक्त, तमसा नदी के किनारे स्थित प्राकृतिक सौंदर्य भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह शहर इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का एक अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करता है।
- ऐतिहासिक स्थल: दुर्वासा ऋषि आश्रम, गौरीशंकर मंदिर
- प्राकृतिक सौंदर्य: तमसा नदी के किनारे के दृश्य
दयानंद सरस्वती जयंती: सत्य के प्रकाशक को नमन
वैदिक ज्ञान के पुनरुत्थान और सामाजिक सुधार के प्रणेता को श्रद्धांजलि
महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर, हम उनके विचारों और कार्यों को स्मरण करते हैं, जिन्होंने भारतीय समाज को नई दिशा दी। आइए, उनके आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण और सशक्त समाज का निर्माण करें।
- वेदों के पुनरुत्थान और शुद्ध ज्ञान के प्रचारक
- शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रबल समर्थक
हमारी उपलब्धियाँ
आर्य समाज की वैश्विक उपस्थिति, शिक्षा, आध्यात्मिक ज्ञान और मानवीय सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ। हमारे प्रयासों ने लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
वैदिक ज्योति से प्रज्ज्वलित जीवन
आर्य समाज के मिशन को समर्पित, अनुभवी और उत्साही व्यक्तियों का समूह, जो समाज सेवा और वैदिक ज्ञान के प्रसार के लिए कार्यरत है।
मनोहर आर्य
दिनेश आर्य
संतोष आर्य
केदार आर्य
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ?
आर्य समाज के बारे में आपके प्रश्नों के उत्तर !
आर्य समाज के सिद्धांतों, कार्यों और संगठन के बारे में सामान्य प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करें। यहाँ, हमने आपके लिए सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों को संकलित किया है, ताकि आपको आर्य समाज को समझने में मदद मिल सके।
आर्य समाज की स्थापना किसने की?
आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आर्य समाज किस ग्रंथ को सर्वोच्च मानता है?
आर्य समाज मूर्ति पूजा का समर्थन करता है या विरोध?
आर्य समाज का आदर्श वाक्य क्या है?
आर्य समाज की प्रमुख शिक्षाएँ क्या हैं?
डीएवी (DAV) संस्थानों का आर्य समाज से क्या संबंध है?
आर्य समाज सामाजिक सुधार के लिए क्या कार्य करता है?
आर्य समाज के प्रमुख सामाजिक कार्य क्या हैं?
आर्य समाज का संगठन कैसा है?
आर्य समाज आर्यमगढ़ की उपलब्धियाँ
वैदिक मूल्यों के प्रसार और समाज सेवा में समर्पित प्रयास
आर्य समाज आर्यमगढ़ ने वैदिक सिद्धांतों के प्रचार, सामाजिक सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारी उपलब्धियाँ समाज के उत्थान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, और हमें भविष्य में और भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं।
वैदिक ज्ञान केंद्र स्थापना
नियमित वैदिक प्रवचनों और कक्षाओं के माध्यम से युवाओं और वयस्कों को वैदिक ज्ञान प्रदान करना।
पर्यावरण संरक्षण पहल
वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य करना।
युवा विकास कार्यक्रम
आर्य वीर दल के माध्यम से युवाओं को शारीरिक और नैतिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना।
हमारे ब्लॉग
आर्य समाज के विचारों, गतिविधियों और समसामयिक विषयों पर आधारित लेख। वैदिक ज्ञान, सामाजिक सुधार और प्रेरणादायक कहानियों से भरपूर, हमारे ब्लॉग आपको नई दिशा प्रदान करेंगे।
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