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वेदों की वाणी – संतों की ज़ुबानी (पेपर बैक)

Original price was: ₹120.00.Current price is: ₹115.00.

यह पुस्तक वेदों के गूढ़ ज्ञान को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करती है। लेखक मदन रहेजा ने इसमें वेदों की अमूल्य शिक्षाओं को संतों और महापुरुषों की वाणी के माध्यम से समझाया है। यह किताब धर्म, मोक्ष, ईश्वर, मूर्तिपूजा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर वेदों के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है।

  • वेदों के गहरे ज्ञान को आसान भाषा में समझाया गया है।
  • धर्म, मोक्ष और ईश्वर जैसे विषयों पर वैदिक दृष्टिकोण।
  • जिज्ञासुओं के प्रश्नों का वैदिक सिद्धांतों के अनुसार उत्तर।
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Description

“वेदों की वाणी – संतों की ज़ुबानी” एक अनूठी और ज्ञानवर्धक पुस्तक है जो आपको वेदों की अमूल्य शिक्षाओं से परिचित कराती है। लेखक मदन रहेजा ने वेदों की वाणी और संतों की जुबानी के बीच एक सुंदर सामंजस्य स्थापित किया है। यह पुस्तक उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो वेदों के ज्ञान को समझना चाहते हैं लेकिन जिन्हें उसकी भाषा कठिन लगती है।

इस पुस्तक में, धर्म की सही परिभाषा, मन का बंधन और मोक्ष से संबंध, ईश्वर की सुलभता या दुर्लभता, और मूर्तिपूजा के लाभ या हानि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। लेखक ने इन सभी विषयों को वेदों के मंत्रों और ऐतिहासिक घटनाओं की मदद से बहुत ही सरल और रोचक ढंग से समझाया है।

पुस्तक का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा जिज्ञासुओं द्वारा पूछे गए सवालों का उत्तर है। इन प्रश्नों का जवाब वैदिक मतों और सिद्धांतों के आधार पर दिया गया है, जो पाठकों की कई शंकाओं को दूर करने में मदद करता है। यह पुस्तक न केवल ज्ञान प्रदान करती है बल्कि आपके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने की भी शक्ति रखती है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • लेखक: मदन रहेजा
  • भाषा: हिंदी
  • प्रकाशक: विजय कुमार गोविन्दराम हासानन्द
  • मूल्य: ₹120 (अब ₹115)
  • SKU: 22116

यह पुस्तक उन सभी के लिए एक अमूल्य धरोहर है जो वैदिक ज्ञान, सामाजिक सुधार और आत्म-ज्ञान की खोज में हैं। ₹115 की विशेष कीमत पर, यह वैचारिक क्रांति का द्वार आपके लिए खुला है।

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