You are currently viewing 20 July को मनाया जाता है International Chess Day | देश की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है chess

20 July को मनाया जाता है International Chess Day | देश की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है chess

20 July को मनाया जाता है International Chess Day | देश की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है chess

और छठी शताब्दी में भारत ने दुनिया को चतुरंग दिया जो आधुनिक शतरंज का आधार बना। यह खेल बुद्धि और रणनीति का प्रतीक है जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। विश्वनाथन आनंद से लेकर डी गुश तक भारत ने शतरंज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मौजूदा दौर में शतरंज की बिसात पर भारत दुनिया के सामने सबसे ताकतवर बाजीगर बनकर उभरा है। अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस पर आपको दिखाते हैं इस खेल में भारत की गौरवशाली यात्रा और इतिहास के सुनहरे पन्नों पर यह खास रिपोर्ट।

[संगीत] छठवीं सदी में भारत से शुरू हुआ चतुरंग आज चेस बनकर दुनिया को चुनौती दे रहा है। 1966 में फीडे की स्थापना के बाद से यूनेस्को के सुझाव पर हर साल 20 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि शतरंज की शुरुआत भारत की धरती पर हुआ जो एक रणनीतिक युद्ध खेल था। यह खेल भारत की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। 1966 में विश्व शतरंज फेडरेशन की स्थापना दिवस यानी 20 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस घोषित किया गया। 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी। आधुनिक समय में भारत ने कई विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को जन्म दिया है जो इस खेल को वैश्विक मंच पर ले गए हैं।

विश्वनाथन आनंद ने इस खेल को घर-घर तक पहुंचाया तो वहीं आज डीगुकेश, आर प्रग्नंद, विदित गुजराती, अर्जुन एरीगैसी, अरविंद चिदंबरम, कुनेरू हम्पी, हरिका द्रोणावल्ली, वैशाली, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल और तानिया सचदेव जैसे खिलाड़ी देश में शतरंज को नई ऊंचाई पर ले गए हैं। साल 2024 में आयोजित हुए 45वें शतरंज ओलंपियाार्ड में भारत की महिला और पुरुष टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। शतरंज ओलंपियाार्ड के 100 साल के इतिहास में यह पहला मौका था जब भारत ने ओलंपियाार्ड में स्वर्ण पदक जीतने में सफलता पाई। जून 2025 तक भारत के पास 85 ग्रैंड मास्टर हैं। इसके अलावा 124 अंतरराष्ट्रीय ग्रैंड मास्टर हैं। वहीं 23 महिला ग्रैंड मास्टर और 42 महिला अंतरराष्ट्रीय ग्रैंड मास्टर हैं। जो देश की शतरंज में गहरी बिसाद को दर्शाता है। शेर 10 भारतीय खिलाड़ियों की औसत रेटिंग 2727 है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दूसरी सबसे ऊंची है और शेर 10 महिला खिलाड़ियों की औसत रेटिंग 2412 है जो चीन के बाद दूसरी सबसे ऊंची है। शतरंजन सिर्फ खेल नहीं बल्कि तार्किक सोच और धैर्य का स्कूल है।

पूरा पढ़ने के लिए नीचे दिए गए विडियो को देखे !

Leave a Reply