आजीवन स्वस्थ दिनचर्या

आजीवन स्वस्थ दिनचर्या की ऑनलाइन कक्षाओं में, आचार्य आपको स्वस्थ जीवन शैली के लिए वैदिक सिद्धांतों के बारे में बताते हैं। वे आपको सिखाते हैं कि कैसे सही खान-पान और दिनचर्या का पालन करके आप बीमारियों से दूर रह सकते हैं। यह कक्षाएँ आपको प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने और स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करती हैं।

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ऑनलाइन आजीवन स्वस्थ दिनचर्या कक्षा में आचार्य स्वस्थ जीवन के लिए सही खान-पान और दिनचर्या सिखाते हैं। यह कक्षा प्राकृतिक जीवनशैली पर आधारित है।
आजीवन स्वस्थ दिनचर्या

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आजीवन स्वस्थ दिनचर्या कक्षा में आचार्य आपको निम्नलिखित बातें सिखाएंगे, जिससे आप स्वस्थ और रोगमुक्त जीवन जी सकेंगे:

आहार

दिनचर्या:

स्वस्थ रहने के प्राकृतिक उपाय:

आधुनिक जीवनशैली से होने वाले रोगों से बचाव:

आरोग्यम् परमम् सुखम्: वैदिक जीवन शैली का ऑनलाइन ज्ञान

आचार्य जी इस ऑनलाइन क्लास में क्या क्या सिखायेंगे ?

1. भोजन करने का समय?
भोजन करने का सही समय कोनसा है, किस आयु के व्यक्ति को भोजन उचित, किन पदार्थो का उपयोग करने से बचना चाहिए, दिन के समय क्या भोजन करना चाहिए और रात के समय क्या भोजन करे ये सब जानकारियां आप जानने वाले हैं।
वो कौनसे ६ रस हैं जिनके होने से भोजन पूर्ण होता है इसकी जानकारी भी दी जाने वाली है।
भोजन न पचने की हानियाँ क्या क्या होती हैं उनसे बचने के उपाय और दिनचर्या परिवर्तन से किस प्रकार लाभ लिया जा सकता है। ये सब जानकारी आपकी दी जाएगी।
डायबिटीज जैसी भयानक और असाध्य बिमारियों से कैसे बचा जा सकता है बिना किसी दवाई के सिर्फ और सिर्फ दिनचर्या परिवर्तन और भोजन बदलाव करके। आपसे पहले कक्छा से जुड़े कई सदस्यों ने डायबिटीस जैसी बिमारियों को सिर्फ नियत्रण ही नहीं जड़ से ठीक भी क्या है।
दूध दही आदि गव्य उत्पादों को कब और किस प्रकार से सेवन किया जाए की यह पच भी जाए और शरीर को लाभ भी दे। और कब किस अवस्था में इसका निषेध किया जाए जिससे कोई हानि न हो, यह भी आपको बताया जायेगा।
कौनसे बर्तनों में भोजन करने से क्या लाभ हानि होती है, प्लास्टिक, एल्युमीनियम और टेफ्लॉन के बर्तनों में भोजन करने से होने वाले भयानक रोगो से आपको अवगत कराया जाएगा जो आपको कोई डॉक्टर नहीं पायेगा।
कौन से बर्तन में भोजन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ती है? और शरीर दीर्घायु होता जाता है जैसे की वैदिक काल में हुआ करता था।
आपको जानकार संसय होगा की हमारे भोजन में भी कई प्रकार में विष होते हैं जो किसी न किसी प्रकार हमारे शरीर हो हानि ही पहुचाते है उन विषों को कैसे भोजन से निकाला जाए ये भी आपको बताया जायेगा।
आपको बताया जायेगा की वो कौनसे पदार्थ है जो हमारे शरीर के सामान्य तापमान पर नहीं पचते और कोनसे से पचते हैं। प्रोटीन के नाम पर बेचीं जा रही वस्तुओं का सच जानकार आपके पैरों से जमीन खिसक जाएगी।
बाजार में आज हर पदार्थ के नकली उत्पाद मिल रहे हैं जैसे की पदार्थो की सुगंध, मिठास और रंगों के विभिन्न कम्पनिओं के केमिकल मिल रहे हैं जो हमारे शरीर में जाकर बहोत ही भयानक बिमारियों को जन्म दे रहा है। इन विषयों को भी लिया गया है।
हम ऐसा कौनसा भोजन करते हैं, कोनसी गलतियां करते हैं अपने दैनिक जीवन में जिससे हमें कैंसर जैसे भयानक बीमारियाँ हो जाती हैं और पूरा जीवन दुःख से भर जाता है। वही दूसरी और देश की आजादी से पहले कभी इन बिमारियों का नाम भी सुनने में नहीं आता था। हमारे पूर्वज किस दिनचर्या और खान पान का पालन करते थे जिसकी वजह से वह १०० से ज्यादा का जीवन व्यतीत करते थे वो भी निरोगी रहकर। ये सब विशेष ज्ञान सिखने वाले हैं आप इस कक्छा में।
आपको ये प्रश्न बहोत ही सामान्य लगता होगा लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है इस वैदिक दिनचर्या की कक्छा में आचार्य दिव्या प्रकाश जी आपको बताएँगे की कैसे बाज़ार में मिलने वाला सफ़ेद नमक आपके शरीर को रोज नई बिमारियों को न्योता दे रहा है और हम कभी इसपर ध्यान ही नहीं देते।
आज हमारे युवाओ में नपुंसकता की बीमारी बड़ी ही तेजी से बढ़ रही है। ऐसा क्या कर रहे हैं आज के युवा की उनका पुरुषत्व ही समाप्त हो जारहा है। देश में IVF सेण्टर की दुकाने इतनी खुल चुकी है जितनी की चाय की दुकाने नहीं होंगी। आप इस समस्या से जितने का कारण भी जानेंगे।
आज शहरों में हर ३० साल से अधिक आयु के ७वे व्यक्ति को डायबिटीस हुआ है। इसका क्या कारण है? सभी डॉक्टर साहब एक स्वर में कहते हैं “मीठा ज्यादा खाते हैं” लेकिन मित्रों ये पूरीतरह से एक झूठ है बस। आप जानेंगे की डायबिटीस जैसी बिमारियों का कारण मीठा नहीं बल्कि कुछ और ही है जिसके बारे में कोई डॉक्टर नहीं बताता। उदरपूर्ति का प्रश्न है। इसके विपरीत मीठा न खाने से कइसारे रोज शुरू होते हैं।
ये भी एक बड़ा प्रश्न है। शहरों में तो पैकेट ही मिलता है अब आपको क्या ही पता दूध भैस का है, जर्सी गाय का है, देशी गाय का है, पाउडर वाला है या यूरिया का घोल है। पैकिंग पे तो सब अच्छा अच्छा ही लिखा हुआ है, मलाई भी गाढ़ी गाढ़ी बनती है लेकिन जो व्यक्ति पिता है उसे हजम(digest) ही नहीं होता। क्या कारन है, इसका? इस ऑनलाइन कक्छा में आप ये सब जानने वाले हैं।
16. तेल कौन सा रोग दूर करता है?
तेल की कीमतें आज बड़ी ही तेजी से बढ़ती जा रही हैं लेकिन इस बढ़ी हुई कीमत पर भी आप जो तेल खरीद रहे हैं उसकी शुद्धःता का कोई अता पत्ता नहीं है। हमारे पूर्वज तेल को सिर्फ भोजन में ही नहीं अपितु शरीर पे भी लगाते थे, उनका मन्ना था की इससे शरीर में स्निग्धता(लचीलापन) आती है। लेकिन आज डॉक्टर साहब कहते हैं तेल कम कीजिये भोजन में, ऐसा क्या हो गया आज के तेल में जो आज बहोत ही महँगा है। जानेंगे इस ऑनलाइन गुरुकुल की कक्छा में।
आज मनुष्य जाती ने बहोत प्रगति और विकाश कर लिया है और हर दिन एक नया आविष्कार हो रहा है। समय के साथ हम मनुष्यों का जीवन शुखद और सरल हुआ है। जिसके कारण हम दिन भर में अपने शरीर की पूरी ऊर्जा का उपयोग ही नहीं करते। जिसके कारण शरीर में कई प्रकार के रोग और मानषिक समस्या आती है। शरीर का दर्द भी इनमे से ही है, आप सीखेंगे कीस प्रकार इस दर्द को हमेसा के लिए ठीक किया जा सकता है।
ये पाम तेल का भी अलग ही व्यापार चल रहा है जो हमारी जीवनशैली पर बहोत ही बुरा प्रभाव डाल रहा है। आप इसके बनने से लेकर हानियाँ सभी के बारे में विश्तार से जानने वाले हैं।
कब्ज बदहजमी एसिडिटी आदि आदि ये सब रोग न होकर हमारी ख़राब दिनचर्या का ही परिणाम है। आप जानेंगे की कैसे सिर्फ अपनी दिनचर्या को ठीक करके बिना किसी औषधि के ये समस्याएं ठीक कर सकते हैं।
मित्रों हमारे देश में आटे भी कई प्रकार के हैं लेकिन मुख्यतः हम सब गेहू के आटे ही खाते हैं लेकिन ये भी ठीक नहीं है जिस प्रकार हमारे भारत देश में जलवायु परिवर्तन होता है उसी प्रकार आटे भी अलग अलग उपयोग करने चाहिए। आप इस एक घंटे की कक्छा में जानने वाले हैं की कब किस ऋतू में कोनसे आटे का उपयोग करने से क्या लाभ होता है और क्या हानियाँ होती हैं।
चाय, कोका और चॉकलेट में कैफीन और थियोब्रोमाइन जैसे तत्व होते हैं, जिसके सेवन करने पर अनिद्रा, बेचैनी, हार्मोनल परिवर्तन, कामोत्तेजना और हृदय संबंधी समस्याएं होती हैं। आप विस्तार से जानने वाले हैं, इन बाजारू वस्तुओं की हानियाँ और इनमे कौन – कौन से केमिकल मिलाकर बनाये जाते हैं।
वो कोनसे खाद्य पदार्थ जिनकी बाजार में भरपूर मांग है लेकिन दूसरी और वो हमारे शरीर में जाते ही कामोत्तजना को बढाता है। टीवी में हर १० मिनट में इन पदार्थो के विज्ञापन आते रहते हैं।
फैक्ट्री के केमिकल युक्त खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए कितने हानिकारक हैं, हम अपनी दिनचर्या में इन पदार्थो का कितना अधिक सेवन करते हैं। आप इन सभी पदार्थो की सूचि को एक साथ देखने समझने वाले हैं।
प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड, ख़राब तेल युक्त भोजन और भी अलग अलग पदार्थ जो सिर्फ विज्ञापन दिखाकर ही मिलियन ट्रिलियन डोलर की कंपनी बन चुके हैं। वो कोनसे पदार्थ हैं सब आप जानने वाले हैं इस ऑनलाइन गुरुकुल की कक्छा में।
भोजन बन जाने के ३-४ घंटे बाद का भोजन बासी हो जाता है। इस बासी भोजन को खाने से क्या क्या रोग होते हैं अब तक आपको जो रोग बीमारियां हुई हैं क्या उनका कारण भी कही न कही से बसी भोजन ही तो नहीं ? जानिए ऑनलाइन गुरुकुल की १ घंटे की कक्छा में।
दूध के साथ नमक या फल, और दही के साथ मांस जैसे कई विरुद्ध आहार हैं जिससे बचने में ही भलाई है। अब वो कौन कौन से वो आहार हैं वो भी आप जानने वाले हैं।
अधिक मसालेदार भोजन से पेट में जलन और एसिडिटी होती है। ऐसा आपने भी बहोत बार सुना होगा लेकिन यही मसाले किसी समय भारत में औषधि के रूप में उपयोग में लिए जाते थे। तो आज ऐसा क्या हो गया की वही मसाले न खाने की बुद्धिजीवी लोग सलाह देते हैं। वो ऐसा क्यों करते हैं इसकी जानकारी भी आपको इसी कक्छा में दी जाएगी।
बाज़ार में विवाह में और पार्टियों आज खड़े हो कर ही भोजन कराया जाता है। और हमारे समाज ने इसे स्वीकार्य भी किया है ऐसा न हो तो आप छोटे लोगों में गिने जाते हैं। लेकिन ये खड़े खड़े भोजन करने से भी आपके पाचन तंत्र पर बहोत ही बुरा प्रभाव पड़ता है। आप इस कक्छा में जानेंगे की किस आसन में बैठ कर भोजन करने से शरीर को लाभ होता है।
आप इस ऑनलाइन गुरुकुल की आजीवन स्वस्थ रहने वाली कक्षा में जानेंगे की कोनसा वो महान भोजन है जिसका सेवन करने से शरीर निरोगी, बलिस्त और बुद्धि तीव्र होती है।
कक्छा पूरी होने पर आपके प्रश्नों के उत्तर भी आचार्य दिव्य प्रकाश जी देने वाले हैं। जिससे आपको अपनी दिनचर्या सही करने का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
आचार्य दिव्य प्रकाश जी

आचार्य दिव्य प्रकाश जी

योगाचार्य, हरिद्वार

दिव्या प्रकाश आर्य एक प्रमाणित मास्टर योग शिक्षक हैं, जिन्हें ट्राइडेंट योग अकादमी और वेलनेस सेंटर के माध्यम से योग एलायंस इंटरनेशनल द्वारा मान्यता प्राप्त है। 500 घंटे के व्यापक स्तर के प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, दिव्या ने एनाटॉमी, प्राणायाम, ध्यान, कोर हठ योग आसन और संचार कौशल सहित प्रमुख विषयों में उन्नत दक्षता का प्रदर्शन किया है। समग्र कल्याण और पारंपरिक योग सिद्धांतों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ, दिव्या प्रकाश आर्या शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण की ओर अपनी यात्रा पर व्यक्तियों का मार्गदर्शन करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित हैं।