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Shri Krishna devotees tore "Krishna's character to shreds" BY Acharya Pavitra Vedalankar || Vaidi...

Shri Krishna devotees tore “Krishna’s character to shreds” BY Acharya Pavitra Vedalankar || Vaidi…

Shri Krishna devotees tore “Krishna’s character to shreds” BY Acharya Pavitra Vedalankar || Vaidi…

लगा एक रोग जाति को इसे दूर करना किसके बस का है? हमें कहने की आदत है और तुम्हें सुनने का चसका है। यदि इसीलिए आप बैठे हैं तो आपके सुनने सुनाने का और कहने का आने का कोई अभिप्राय नहीं है। अभिप्राय है कि यदि हम ऋषि दयानंद के अनुयाई हैं, सैनिक हैं तो हमारा कर्तव्य क्या है? हम अपनी बुद्धि में देखो महर्षि दयानंद सरस्वती क्या लिखते हैं? महर्षि दयानंद सरस्वती लिखते हैं कि मनुष्य का आत्मा हीरे मोती माणिक्य आदि रत्नों से जटित आभूषणों को धारण करने से अलंकृत नहीं होता। इन रत्नों को धारण करने से हमारा शरीर सुशोभित होता है। परंतु मनुष्य का आत्मा सुशोभित नहीं होता।

अच्छा बताओ आपके शरीर का जो महत्व है वो आत्मा से है या शरीर से है? जोर से बोलो किससे है? आत्मा से है। यदि शरीर का महत्व बिना आत्मा के होता तो मरने के बाद सारे के सारा अमृत शरीर आपके घरों में होना चाहिए था। आत्मा है तो शरीर की महत्ता है। इसलिए जिसके कारण जिसकी वैल्यू है आज सारा समाज शरीर के लिए काम कर रहा है। लेकिन जिसके कारण जो आत्मा है जिसको सजाने की आवश्यकता है उस आत्मा में आज बहुत गिरावट आ रही है। उस आत्मा को सजाने के लिए मनु महाराज कहते हैं यदि आत्मा को पवित्र बनाना है बलवान बनाना है और ईश्वर की भक्ति से अलंकृत करना है तो वो आत्मा को पवित्र बनाना पड़ेगा और उस पवित्रता के दो आभूषण बताए उन्होंने कहा आत्मा को यदि पवित्र करना है तो वो विद्या से पवित्र होगी और तप से पवित्र होगी विद्या क्या है तप क्या है वकील साहब का उदाहरण दे देती हूं और अपनी बात को विराम कर देती हूं।

आज आप देख रहे हैं पूरी दुनिया में हम सब लोग सत्य को सत्य कहने से डरते हैं। सारे जितना पाप योगराज श्री कृष्ण के भक्त कर रहे हैं। दुनिया में इतना पाप किसी महापुरुष के साथ किसी भक्तों ने नहीं किया। दूसरे विधर्मी लोग तो करते हैं लेकिन हमारे लिए दुख और अपमान की बात यह है कि इस देश का हिंदू जिनको अपना आराध्य देव मानता है जिनको अपना पुजारी मानता है इष्ट देव मानता है और उसी महापुरुष के चरित्र की जो है धज्जियां उड़ाता है अपने घर में रख के और सत्य को जानने के लिए प्रयास नहीं करता उसका दुष्परिणाम क्या है उसका दुष्परिणाम देखिए हमारी माताएं हमारे भाई जन क्या कहते हैं? बोले बहन जी राधे राधे बोलने से तुम्हें क्या परेशानी हो रही है? इससे बताओ नुकसान क्या हो रहा है? अब नुकसान क्या हो रहा है?

वो सुन लीजिए आप। राधे-राधे बोलने से नुकसान ये हुआ है कि अभी कुछ दिन पहले आपने एक हमारे यहां रिलेशन चला है जिसको बोलते हैं लिव एंड रिलेशनशिप। सुप्रीम कोर्ट के जज ने एक जजमेंट दिया है जिसमें यह कोट किया है कि कोई भी महिला कोई भी पुरुष लिव एंड रिलेशनशिप में रह सकते हैं और इसलिए रह सकते हैं क्योंकि हिंदुओं के जो आराध्य देव श्री कृष्ण है ना वो अपनी प्रेमिका राधा के साथ रहते थे। बताओ इस प्रकार के निर्णय समाज के न्यायिक अधिकारी लोग देंगे तो बताओ समाज का कितना बड़ा विनाश ये समाज किस तरफ जा रहा है? ऐसे पवित्र महात्मा कृष्ण जिनके लिए दयानंद कहते हैं कि श्री कृष्ण वो पवित्र आत्मा है जिन्होंने जन्म से ले मृत्यु तक कोई पाप नहीं किया। ऐसी पवित्र आत्मा के लिए हम इतने अश्लील शब्द बोलते हैं। हम लाखों रुपए अपने उड़ाते हैं और हम खुश होते हैं। हमारी आत्मा दुखित नहीं होती। अरे तुम्हारे चरित्र के ऊपर यदि कोई व्यक्ति कोई विरुद्ध आपके व्यवहार बात करता है तो आप न्याय लेने के लिए कोर्ट की शरण में जाते हैं। मानहानि का दावा करते हैं। लेकिन आपके आराध्य देव आपके महानायक श्री कृष्ण जो गीता के श्री कृष्ण है।

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