संविधान के किस पन्ने पर मदरसा लिखा हुआ है?
झूठे इतिहास को ठीक किया जा रहा है। इसके लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देता हूं। अब हमारे इतिहास की किताबों में लिखा जाएगा कि औरंगजेब वैशी दरिंदा था। अकबर भी शैतान था। और भी ऐसे बहुत सारी जो झूठी चीजें पढ़ाई जाती थी बच्चों को। अकबर महान है, यह है वो है। वो ठीक किया जाएगा। आने वाले सेशन में बच्चों को सही इतिहास पढ़ने को मिलेगा। लेकिन, मैं माननीय प्रधानमंत्री से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूं। एक और गलती ठीक कर दें जो कांग्रेस ने किया था।
यह जो राइट टू एजुकेशन एक्ट बना था तो यह 14 साल तक के सभी स्कूलों 14 साल तक के बच्चे जहां भी पढ़ते थे वहां लागू होता था। यानी गुरुकुल हो, मिशनरी स्कूल हो, मॉन्टेसरी स्कूल हो, कोई भी स्कूल हो, सरकारी स्कूल हो, प्राइवेट स्कूल हो। राइट टू एजुकेशन वहां लागू होता था जहां 14 साल तक के बच्चे पढ़ते थे। लेकिन 2012 में एक बहुत बड़ा पार्लियामेंट्री जिहाद हुआ।
2011 में पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलमा हिंद ने बोला मदरसों को राइट टू एजुकेशन के दायरे से बाहर निकालिए। एक साल तक उन्होंने पूरा माहौल बनाया। हालांकि ये माहौल कोई वो कहते नहीं लुकाछिपी वाला माहौल था। नूरा कुश्ती वाला माहौल था। कांग्रेस ने पर्सनल लॉ बोर्ड जमीयत को बोला कि आप लोग विरोध करना शुरू करो। आप डिमांड करना शुरू करो। 2011 से उन्होंने डिमांड करना शुरू किया कि हमारे मदरसों को राइट टू एजुकेशन के दायरे से बाहर निकाल दीजिए। और 2012 में कांग्रेस ने कानून बना के इसमें से मदरसों को बाहर निकाल दिया। हंगामा ना हो इसलिए गुरुकुल को भी बाहर निकाल दिया। जबकि गुरुकुल वालों ने कभी कहा नहीं था कि भैया हमको हमें राइट टू एजुकेशन दायरे से बाहर निकालो।
पूरा पढ़ने के लिए नीचे दिए गए विडियो को देखे !
