Exposing Science ? Scientific Anti-Realism vs Scientific Realism. Vigyan Darshan
नमस्कार विज्ञान दर्शन चैनल पर आपका स्वागत है। साल 1687 में न्यूटन ने प्रिंसिपिया मैथमेटिका में एक थ्योरी प्रपोज की जिसमें उन्होंने कहा था कि स्पेस और टाइम दोनों एब्सोल्यूट होते हैं और दुनिया में टाइम सबके लिए एक समान होता है। यानी दुनिया की सभी घड़ियां एक ही समय पर चलती हैं। लेकिन 20वीं सदी में आइंस्टीन की थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी ने न्यूटन की इस थ्योरी को गलत साबित कर दिया। जिसमें आइंस्टीन ने बताया कि स्पेस और टाइम सापेक्ष रिलेटिव होते हैं और वे देखने वाले ऑब्जर्वर के मोशन के अनुसार बदल सकते हैं। इसी तरह 1600 ईस्वी में फ्लॉगिस्टन थ्योरी काफी प्रसिद्ध थी जिसका कहना था कि जब भी कोई चीज जलाई जाती है तो उससे फ्लॉगिस्टन नाम का एक पदार्थ निकलता है।
लेकिन बाद में वैज्ञानिकों को पता चला कि कंबस्ट तो ऑक्सीजन के जरिए होता है। तो इस थ्योरी को रिजेक्ट कर दिया गया और उसकी जगह ऑक्सीजन थ्योरी ऑफ़ कंबस्शन को सही मान लिया गया। हैकल्स की एम्ब्रियोलॉजी हो चाहे वाइटल फोर्स थ्योरी हो ऐसी कुछ नहीं बल्कि तमाम थ्योरीज रही है जिन्हें साइंस ने कभी स्वीकार किया था लेकिन आज वो उन्हें अस्वीकार करती है। तो फिर हम यह कैसे कह सकते हैं कि आज जिन थ्योरीज को साइंस स्वीकार करती है। कल को वो उन्हें अस्वीकार नहीं करेंगी। कल को वो गलत साबित नहीं होंगी। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हम साइंस को लेके एंटी रियलिस्ट हैं ना कि मैथ्स को। तो बेसिकली यह साइंस की एक लिमिटेशन है और उसी ने एंटी रियलिज्म की फिलॉसोफी को जन्म दिया है।
जिसके बारे में हम आज डिस्कशन करेंगे और एंटी रियलिज्म क्या है? हमारे उपनिषदों में एंटी रियलिज्म के विषय में क्या कहा गया है? रियलिज्म और एंटी रियलिज्म में क्या अंतर है? वीडियो में आगे बढ़ने से पहले हम साइंस डिनायर और एंटी रियलिस्ट में एक बेसिक सा अंतर समझ लेते हैं। जहां एक ओर साइंस डिनायर साइंस के तथ्यों को सिरे से नकार देते हैं तो दूसरी ओर एंटी रियलिस्ट साइंस के अनऑवेबल चीजों पर प्रश्न उठाते हैं। आइए इन चीजों को विस्तार से समझते हैं। साइंटिफिक रियलिज्म और एंटी रियलिज्म। सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि साइंटिफिक रियलिज्म और एंटी रियलिज्म आखिर है क्या? यह दोनों मूल रूप से साइंस की दो फिलॉसोफीस हैं जिनका दृष्टिकोण भिन्न है। यहां एक तरफ रियलिस्ट मानते हैं कि जितनी भी साइंटिफिक थ्योरीज हैं वो वास्तविकता बताती हैं। अगर कोई चीज ऐसी है !
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